रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित नुआखाई भेंटघाट, सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम में संस्कृति, सामाजिक समरसता, जनसेवा और युवा सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस दौरान उत्तर रायपुर विधायक पुरंदर मिश्रा ने बीटीआई ग्राउंड में निर्माण को लेकर उठ रहे सवालों पर भी अपनी बात रखी और कांग्रेस पर निशाना साधा।
संस्कृति, सेवा और सामाजिक समरसता पर जोर
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, टंकराम वर्मा, श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, भावना बोहरा, संपत अग्रवाल तथा जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर सहित निगम-मंडलों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
नुआखाई भेंटघाट, सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम का उद्देश्य सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ सेवा, सामाजिक समरसता और युवा सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना रहा। नुआखाई पर्व कृषि संस्कृति, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, किसानों के सम्मान और पारिवारिक एकता का प्रतीक है। आयोजन के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक विकास की आकांक्षाओं से जोड़ने का संदेश दिया गया।
सेवा सम्मान पर्व के माध्यम से समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण, जनसेवा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। वहीं, युवा प्रबोधन कार्यक्रम में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही गई।
विकसित भारत @ 2047 में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार सृजन, नवाचार और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया। शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और डिजिटल सशक्तिकरण को देश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए शिक्षा, परिश्रम, आत्मविश्वास और समर्पण के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया।
बीटीआई ग्राउंड पर निर्माण को लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा की सफाई
कार्यक्रम से जुड़े बयान में उत्तर रायपुर विधायक पुरंदर मिश्रा ने बीटीआई ग्राउंड में निर्माण कार्य को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बीटीआई के मैदान में कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। उनके अनुसार, परिसर में कर्मचारियों के रहने के लिए बना एक पुराना भवन जर्जर हो चुका था, जिसे हटाकर हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवासीय निर्माण कराया जा रहा है।
मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संभवतः उन्होंने परिसर का वास्तविक नक्शा नहीं देखा है। उन्होंने बताया कि बीटीआई की ओर से आने पर दाईं तरफ मैदान है, जबकि बाईं ओर जर्जर भवन स्थित है, जहां निर्माण कार्य किया जा रहा है।
बीटीआई ग्राउंड को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि उन्होंने दशहरे के अवसर पर भी आग्रह किया था कि बीटीआई ग्राउंड को व्यावसायिक प्रयोजन के लिए नहीं दिया जाए और इसे केवल खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाए। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर को पत्र भी लिखा है।
उन्होंने मैदान के खेल संबंधी उपयोग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उनके बयान के अनुसार, परिसर में जर्जर भवन की जगह आवासीय निर्माण और बीटीआई ग्राउंड का उपयोग दो अलग-अलग विषय हैं। उन्होंने मैदान को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की आवश्यकता दोहराई।
कांग्रेस पर आबकारी घोटाले को लेकर कटाक्ष
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के पास सरकार का विरोध करने के अलावा कोई काम नहीं है। उन्होंने कथित आबकारी घोटाले का जिक्र करते हुए पैसों के बंटवारे और ब्याज की गणना को लेकर कटाक्ष किया। ये टिप्पणियां कांग्रेस के खिलाफ उनके राजनीतिक आरोपों का हिस्सा थीं।
उन्होंने पंचायत से लेकर संसद तक अलग-अलग समय पर हुए चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा को अधिक सीटें मिलीं और जनता ने पार्टी को जनादेश दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता का समर्थन भाजपा को मिला है।
बीटीआई ग्राउंड में निर्माण को लेकर जारी चर्चा के बीच विधायक का कहना है कि मैदान को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। वहीं, नुआखाई भेंटघाट एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम के माध्यम से संस्कृति, सेवा, सामाजिक समरसता और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी का संदेश सामने आया।