स्कूल की पढ़ाई से आगे संस्कारों की पाठशाला नवचेतना केरला इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों ने देखी ‘हनुमान अंश’


कोटमी कला। किताबों और कक्षा की पढ़ाई के बीच बच्चों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और जीवन मूल्यों से जोड़ने की पहल की गई। जॉन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट इंग्लिश मीडियम स्कूल द्वारा संचालित नवचेतना केरला इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोटमी कला में विद्यार्थियों को संत नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ दिखाई गई। फिल्म के माध्यम से बच्चों को नीम करौली बाबा के जीवन, हनुमान भक्ति और आध्यात्मिक विचारों से परिचित कराया गया।

स्कूल संचालक लीजो जॉन ने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा के साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्कूल में समय-समय पर अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के हुनर को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल में हर महीने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियां, प्रतिभा विकास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भारतीय संस्कृति एवं धर्म-संस्कारों से जुड़ी गतिविधियों को भी स्थान दिया जाता है।

लीजो जॉन ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ के प्रदर्शन का उद्देश्य बच्चों को नीम करौली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक विचारों से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने के साथ जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

फिल्म प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने रुचि के साथ फिल्म देखी। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी शिक्षा के साथ बच्चों के सांस्कृतिक, रचनात्मक और व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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