“महिलाओं को 33% आरक्षण की नींव कांग्रेस ने रखी, BJP अब राजनीतिक फायदे के लिए विधेयक ला रही” – शुक्ला का आरोप


SCG NEWS। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आरएसएस की विचारधारा से पोषित राजनीतिक दल है, जिसमें दशकों तक महिलाओं को बराबर स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस विचारधारा में महिलाओं को दूसरे दर्जे की स्थिति दी गई, उसी से जुड़ी भाजपा की महिलाओं के प्रति वास्तविक मानसिकता पर संदेह करना जायज है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण अधिनियम) को लेकर शुक्ला ने कहा कि यह कोई स्वयं‑स्फूर्त सशक्तिकरण नीति नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूरी और कांग्रेस के दशकों पुराने महिला आरक्षण‑उप च ्रह का असर है। उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस ने ही 33% आरक्षण की नींव रखी, जिसे सोनिया गांधी की सोच और राहुल गांधी की नीतिगत लड़ाई ने आगे बढ़ाया, और अब भाजपा उसी के डर व वैसे वोट‑बैंक के लिए इस अधिनियम को ला रही है ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।

विवरण:: सुशील शुक्ला ने SSH की विचारधारा को “स्पष्ट रूप से महिलाओं के लिए द्वितीय श्रेणी की धारणा” बताते हुए कहा कि आरएसएस में महिलाओं को सालों तक बराबरी का दर्जा नहीं दिया गया था और इस इतिहास के हिसाब से भाजपा की महिलाओं के प्रति वास्तविक भूमिका पर सवाल उठते हैं। उन्होंने पूछा कि यदि वही विचारधारा भाजपा को आहार दे रही है तो महिलाओं के बारे में उसका ख्याल क्या हो सकता है – जातीय‑धार्मिक संरचनाओं पर केंद्रित या वास्तविक लैंगिक समानता पर आधारित।

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर उन्होंने इसे “मजबूरी में लाया गया अधिनियम” बताया और याद दिलाया कि कांग्रेस की यूपीए सरकार ने ही पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की नींव रखी थी, जिसे सोनिया गांधी ने राजनीतिक स्तर पर आगे बढ़ाया और राहुल गांधी ने उसे नीति–स्तरीय विचार के रूप में प्रस्तुत किया। उनका तर्क है कि अब भाजपा उसी नीतिगत दबाव और कांग्रेस‑नेतृत्व वाली विचार धारा के डर से महिला आरक्षण कानून ला रही है, ताकि महिलाओं के नाम पर राजनीतिक रुझान बदलने और उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करने का फायदा उठाया जा सके।

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