जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली सील: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ट्रेन-मेट्रो चलने दें, लोगों को बेवजह परेशान न करें


नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ जनचेतना पार्टी (सीजेपी) द्वारा शनिवार को जंतर-मंतर पर घोषित प्रदर्शन के चलते देश की राजधानी छावनी में तब्दील हो गई है। पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद सीजेपी प्रदर्शन पर अड़ी हुई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया है। प्रशासन के इन कड़े कदमों से आम जनता को हो रही भारी असुविधा पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। कोर्ट ने निर्देश दिया, "मक्खी को मारने के लिए हथौड़ा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, प्रदर्शन के कारण मेट्रो और दिल्ली आने वाली ट्रेनों पर किसी तरह की रोक न लगाई जाए।"


सुरक्षा के नाम पर राजधानी में 'अघोषित आपातकाल'

प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व और बेहद कड़े इंतजाम किए हैं, जिसका असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है:

  • 38 ट्रेनें रद्द: आंदोलनकारियों को रोकने के लिए 38 ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, होटलों और मस्जिदों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
  • 57 मेट्रो स्टेशन बंद: जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली की ओर जाने वाले 57 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट को शुक्रवार रात 9 बजे से ही बंद कर दिया गया है।
  • 25 हजार जवान तैनात: संवेदनशील इलाकों को छावनी में बदल दिया गया है। बीएसएफ और दिल्ली पुलिस के 25 हजार से ज्यादा जवान सीमाओं पर मुस्तैद हैं। मंदिर-मस्जिदों से पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को प्रदर्शन से दूर रहने की अपील कर रही है।
  • इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड: जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।


ट्रेनें रुकने से जम्मू से बिहार तक मचा हाहाकार

प्रशासन के इस फैसले से दिल्ली आने-जाने वाले आम मुसाफिर बीच रास्ते में फंस गए हैं।

  • पटना और जम्मू सहित कई जगहों से दिल्ली आने वाली गाड़ियां रद्द होने से हजारों यात्री परेशान हैं। दिल्ली की ओर आ रही कई ट्रेनें 2 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं।
  • इटारसी में 15 छात्र उतारे: गोवा एक्सप्रेस से पुणे से दिल्ली जा रहे 15 छात्रों को इटारसी में ट्रेन से नीचे उतार दिया गया। जीआरपी का दावा है कि कानून-व्यवस्था के मद्देनजर किसी भी संदिग्ध प्रदर्शनकारी को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।

सीजेपी का पलटवार: "सरकार हमसे डर गई है, देश में इमरजेंसी"

सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने सरकार के इन कदमों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "केंद्र सरकार हमसे डर गई है। अगर सरकार युवाओं से इतना डरती है तो पूरे देश को ही बंद कर दे।" वहीं पार्टी नेता सौरभ दास ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में सीजेपी कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल लगा दिया गया है और दिल्ली को किले में बदल दिया गया है। सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल इस पूरे घटनाक्रम और ईवीएम (EVM) में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर आज शाम 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा।


दिल्ली पुलिस का खुला पत्र: "मतभेदों व वर्दी से पहले हम इंसान हैं"

तनावपूर्ण माहौल के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर नागरिकों के नाम एक भावुक खुला पत्र जारी किया है। पुलिस ने लिखा, "हर नागरिक के नाम खुला पत्र। क्योंकि हर वर्दी, हर राय और हर असहमति के परे, हम सबसे पहले इंसान हैं।" संदेश में आगे लिखा गया है कि पुलिसकर्मियों का भी अपना परिवार है, वे भी समाज का हिस्सा हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनका कर्तव्य है। इस बीच पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई।


स्कूल-कॉलेज बंद, अदालतों में ऑनलाइन सुनवाई

इस बड़े आंदोलन और नाकेबंदी का व्यापक असर दिल्ली-एनसीआर की व्यवस्थाओं पर भी दिखा है:

  • शराब दुकानें बंद: 9 और 10 अक्टूबर को दिल्ली में शराब की दुकानें बंद रखने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं। जंतर-मंतर के दायरे में 200 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स को भी जाने से रोका गया है।
  • डिजिटल मोड पर स्कूल व कोर्ट: पाबंदियों को देखते हुए कई नामी स्कूल-कॉलेजों ने शनिवार को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कीं, जबकि परीक्षाएं और पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) टाल दी गई हैं।
  • अदालतों में वर्जुअल पेशी: पटियाला हाउस और राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को सभी मामलों की सुनवाई ऑनलाइन (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए की गई।
  • बॉर्डर पर पहरा: नोएडा से लगती चिल्ला बॉर्डर पर पुलिसकर्मियों के साथ भारी संख्या में बीएसएफ के जवान तैनात हैं और हर गाड़ी की चेकिंग की जा रही है।


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