रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। कहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से परिवार को पक्की छत मिल रही है, तो कहीं मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना बेटियों की शिक्षा के सपनों को आगे बढ़ाने में मददगार बन रही है। वहीं, पंजीयन शुल्क में किए गए सुधारों से नागरिकों को आर्थिक राहत मिल रही है। प्रदेश में संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आए ऐसे अनुभव शासन की योजनाओं और नीतिगत सुधारों का आम लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित करते हैं।
जया बाई को मिला पक्का मकान, परिवार को मिली सुरक्षित छत
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघरी निवासी जया बाई के परिवार का पक्के मकान का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से पूरा हुआ है। योजना के तहत आवास मिलने से अब उनके परिवार को सुरक्षित आश्रय और बेहतर रहन-सहन की सुविधा मिली है।
पक्का मकान उनके परिवार के लिए केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और सम्मानजनक जीवन का आधार बन गया है। अब परिवार को बारिश और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों की चिंता से राहत मिली है। अपने घर का सपना पूरा होने से परिवार के भविष्य के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ है।
जया बाई ने आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। शासन की इस पहल से उनके परिवार को सुरक्षित वातावरण में जीवन बिताने का अवसर मिला है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई जया बाई की कहानी ग्रामीण परिवारों के लिए सुरक्षित आवास के महत्व को दर्शाती है।
निकिता कहरा की पढ़ाई को मिला 20 हजार रुपये का सहारा
आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण किसी बेटी की शिक्षा प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की पात्र बेटियों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरकोट निवासी निकिता कहरा को इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। श्रम विभाग द्वारा संचालित इस योजना से प्राप्त राशि उनकी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने और आगे की पढ़ाई जारी रखने में मददगार साबित हो रही है।
सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवारों के लिए पढ़ाई से जुड़े खर्चों की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में शासन से मिलने वाली सहायता बेटियों को अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य के बेहतर अवसरों के लिए तैयारी करने का संबल देती है।
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य बेटियों की शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।
निकिता कहरा ने सहायता राशि मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई उनकी कहानी बताती है कि आर्थिक सहयोग बेटियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने और उन्हें अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रजिस्ट्री शुल्क में राहत, अभिलाष ने बचत की राशि बहनों को की भेंट
शासन की जनहितैषी पहल का एक प्रेरक उदाहरण बलौदाबाजार जिले से भी सामने आया है। यहां पारिवारिक हकत्याग से संबंधित दस्तावेज के पंजीयन पर निर्धारित रियायती शुल्क का लाभ मिलने से अभिलाष के 46 हजार 846 रुपये बच गए। उन्होंने इस बचत को अपने तक सीमित रखने के बजाय पूरी राशि अपनी बहनों को उपहार स्वरूप दे दी।
पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित होने से उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिली। संपत्ति से संबंधित आवश्यक दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा होने के साथ बची हुई राशि परिवार के सदस्यों के काम भी आई।
अभिलाष के लिए यह आर्थिक बचत दोहरी खुशी लेकर आई। एक ओर रजिस्ट्री पर खर्च कम हुआ, वहीं दूसरी ओर बहनों को उपहार देकर वे इस राहत को पारिवारिक खुशियों में बदल सके। उन्होंने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिक सुविधाओं के विस्तार और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पारिवारिक हकत्याग के पात्र दस्तावेजों पर 500 रुपये पंजीयन शुल्क निर्धारित करना इन्हीं सुधारों में शामिल है।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विभाग नागरिकों से सीधे संवाद कर योजनाओं और सुविधाओं से जुड़े उनके अनुभव तथा सुझाव भी प्राप्त कर रहा है।
योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई ये तीनों कहानियां अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने वाली सरकारी पहलों का उदाहरण हैं। जया बाई के परिवार को पक्की छत मिली, निकिता कहरा की पढ़ाई को आर्थिक सहारा मिला और अभिलाष को रजिस्ट्री शुल्क में राहत से बचत का अवसर प्राप्त हुआ।
इन अनुभवों से स्पष्ट होता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों की सार्थकता उनके वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने में है। आवास, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी ऐसी पहलें लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती हैं।