मुंगेली, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के तीनों विकासखंडों में क्रमबद्ध रूप से जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समुदाय को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजुला शर्मा के मार्गदर्शन में 03 नवंबर को नगर पंचायत पथरिया के विद्यालय में बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की।
कार्यशाला में चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक श्री उमाशंकर कश्यप ने विद्यार्थियों को बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को प्रभावित करता है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जागरूकता और सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा बालक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से पहले विवाह करना कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कार्यशाला में बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि संकट या किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में इन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है। जागरूकता को व्यावहारिक रूप देने के लिए विद्यार्थियों ने स्वयं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल कर उसकी कार्यप्रणाली और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी भी ली। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थितजनों ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने, बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। उन्होंने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की शपथ भी ली। इस अवसर पर केस वर्कर सुश्री चित्रलेखा साहू तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलंटियर श्री गौतम महिलांगे उपस्थित रहे।