बिलासपुर में श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा भर्ती प्रक्रिया भी तेज


नवा रायपुर। मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर के बोदरी स्थित मुख्य न्यायाधीश निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रीमती कुसुम सिन्हा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होती है तथा उनका सरल और स्नेहमयी स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री एवं सांसद श्री तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस तथा विधायक श्री सुशांत शुक्ला सहित उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया में तेजी, विषय-विशेषज्ञ समिति गठित

इधर राज्य में प्राध्यापक (उच्च शिक्षा) परीक्षा–2021 के अंतर्गत 595 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने उच्च स्तरीय विषय-विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेजों और प्रमाण-पत्रों की गहन जांच कर अंतिम पात्रता का निर्धारण करेगी।

ज्ञात हो कि 11 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर 35 अभ्यर्थियों की शैक्षणिक अर्हताओं की विस्तृत जांच हेतु विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया था। आयोग ने 4 दिसंबर 2025 की बैठक में निर्णय लिया था कि उत्कृष्ट प्राध्यापक पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के अभिलेखों का विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण आवश्यक है।

मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार चयन प्रक्रिया को यूजीसी विनियम 2018 के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है। विज्ञापन की कंडिका 6 (2) (iv) (ख) के संदर्भ में विभिन्न विषयों के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी।

समिति के संयोजक के रूप में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास को नियुक्त किया गया है। सदस्य के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय तथा आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों को शामिल किया गया है।

उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समिति द्वारा परीक्षण के उपरांत योग्य अभ्यर्थियों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे राज्य के महाविद्यालयों में रिक्त पद शीघ्र भरे जा सकें और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिल सके।


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