टीएस, भूपेश और अमरजीत : किसके हाथ संगठन की कमान?


रायपुर :

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर सियासी सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल अगस्त में समाप्त होने वाला है, ऐसे में नए नेतृत्व को लेकर कई नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

Image

Image

Image


इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की लगातार बढ़ती सक्रियता ने संगठन के भीतर हलचल बढ़ा दी है। हाल के दिनों में कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क, बैठकों में उपस्थिति और दिल्ली स्तर पर सक्रिय संवाद को राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि सिंहदेव संगठन में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रभाव अब भी संगठन में मजबूत माना जा रहा है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अब भी उनके नेतृत्व को प्रभावशाली मानते हैं। ऐसे में प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर संगठन के भीतर अलग-अलग खेमों की सक्रियता बढ़ गई है।

राजनीतिक चर्चाओं में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का नाम भी सामने आ रहा है। आदिवासी चेहरे के रूप में उनकी स्वीकार्यता और संगठनात्मक अनुभव उन्हें संभावित दावेदारों में शामिल कर रहा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व चयन का निर्णय ले सकती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यदि समय रहते नेतृत्व को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ, तो आंतरिक खींचतान पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है।

फिलहाल कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ को लेकर चर्चाएँ तेज हैं, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान के हाथ में माना जा रहा है। अब निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में किस चेहरे पर भरोसा जताती है।

VIEW MORE

Category News