Mandleshwar: जहाँ शंकराचार्य ने छिपाया था अपना शरीर


इस व्लॉग में हम माँ नर्मदा के पावन तट, परम पूज्य गुरुश्री 108 स्वामी वेदानंद सरस्वती जी महाराज के आश्रम, गुरु पूजन, विशाल भंडारा और नर्मदा भोग के दिव्य क्षणों के साक्षी बनेंगे। साथ ही जानेंगे मंडलेश्वर का गौरवशाली इतिहास—आदि गुरु शंकराचार्य, मंडन मिश्र का विश्वविख्यात शास्त्रार्थ, गुप्तेश्वर महादेव, बिना नंदी का शिव मंदिर और प्रसिद्ध छप्पन भैरव मंदिर की रोचक कथाएँ। यात्रा का अगला पड़ाव है मानसून में हरी-भरी वादियों से घिरा जामगेट, जहाँ प्रकृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। महंत नारायण भारती जी महाराज के आश्रम में आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य भी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना देता है। यदि आपको आध्यात्मिक यात्रा, सनातन संस्कृति, इतिहास और प्रकृति से जुड़ी ऐसी प्रेरणादायक यात्राएँ पसंद हैं, तो वीडियो को Like, Share और Subscribe करना न भूलें।

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Category News