मुंबई, 21 सितंबर 2026। महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की IIT बॉम्बे के पवई स्थित हॉस्टल में मौत के बाद संस्थान में विवाद गहरा गया है। साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष के छात्र थे। उनकी मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा में मोबाइल फोन और ChatGPT के कथित इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया था। इसके बाद परिवार ने संस्थागत उत्पीड़न और जातीय भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
मुंबई पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला का नाम सामने आया है और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
परीक्षा में मोबाइल और ChatGPT के इस्तेमाल का आरोप
सामने आई जानकारी के मुताबिक, साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। आरोप है कि उन्होंने प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड कर उसके उत्तर हासिल करने का प्रयास किया।
हालांकि, IIT बॉम्बे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, घटना के बाद इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने साहिल की काउंसलिंग की थी। संस्थान का कहना है कि उस समय उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उन्हें बताया गया था कि इस घटना का उनके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
दूसरी ओर, परिवार और प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि परीक्षा की घटना के बाद साहिल पर मानसिक दबाव बनाया गया और उन्हें निलंबन की धमकी दी गई। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
परिवार ने लगाए जातीय भेदभाव के आरोप
साहिल के माता-पिता की शिकायत में संस्थागत उत्पीड़न और जातीय भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
वहीं IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने संबंधित प्रोफेसर का बचाव करते हुए कहा है कि परीक्षा के दौरान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी के तहत कार्रवाई की थी।
मामले में लगाए गए आरोपों और उनके पीछे की परिस्थितियों की जांच अभी जारी है। इसलिए फिलहाल किसी भी आरोप को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
तीन दिन तक कैंपस में विरोध
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। सैकड़ों छात्र मुख्य गेट पर जुटे और धरने पर बैठ गए। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और संस्थान के निर्णयों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने समेत कई मांगें उठाईं।
20 सितंबर की रात IIT बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने पहुंचे। करीब तीन घंटे चली बैठक में छात्रों ने 18 सूत्रीय मांगों का चार्टर सौंपा। निदेशक ने इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए।
छात्रों की मांगों में साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच के लिए समिति का गठन, संबंधित प्रोफेसर पर कार्रवाई, संस्थान की ओर से सार्वजनिक माफी, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और छात्र प्रतिनिधित्व बढ़ाना शामिल है। छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और अकादमिक एवं गैर-अकादमिक निर्णयों में छात्र प्रतिनिधियों की भूमिका बढ़ाने की भी मांग की है।
प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला निलंबित
विरोध प्रदर्शन के बीच IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से निलंबित कर दिया है। दुल्ला वही प्रोफेसर हैं, जो साहिल की परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर की भूमिका में थे और जिनका नाम पुलिस FIR में दर्ज है।
IIT बॉम्बे ने साहिल की मौत से संबंधित अपनी पहले की कुछ सार्वजनिक जानकारी को लेकर भी माफी मांगी है। संस्थान ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले सभी तथ्यों को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
अब जांच के निष्कर्ष का इंतजार
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में परीक्षा के दौरान हुई घटना, उसके बाद हुई बातचीत, परिवार द्वारा लगाए गए संस्थागत उत्पीड़न और जातीय भेदभाव के आरोप तथा संस्थान की ओर से की गई कार्रवाई जांच के दायरे में हैं।
अब मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि साहिल की मौत से पहले वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था और किन परिस्थितियों में उन्होंने यह कदम उठाया। फिलहाल मौत के कारणों से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।