नई दिल्ली। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून की प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को ‘विदेशी एजेंट’ बताना उचित नहीं है। अन्नामलाई ने कहा कि वह CJP के विरोध-प्रदर्शन के तरीकों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं, लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विरोध करने, बहस करने और सवाल उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों के सवालों का जवाब देने की मांग की।
जंतर-मंतर और हिरासत की प्रक्रिया पर सवाल
अन्नामलाई ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने, CJP नेताओं की हिरासत, जमानतदारों को खारिज किए जाने और कानूनी प्रक्रिया के पालन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार को उठाए गए मुद्दों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।अन्नामलाई के बयान पर बीजेपी के तमिलनाडु मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्नामलाई बीजेपी छोड़ने के बाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपना रुख बदल रहे हैं।
बीजेपी की ओर से कहा गया कि यदि प्रदर्शनकारी कानून-व्यवस्था से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार है।अब सवाल यह है कि विरोध-प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए? CJP प्रकरण पर अन्नामलाई के बयान और बीजेपी की प्रतिक्रिया ने इस बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।