गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, ( मुकेश जायसवाल )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में देशभर में चलाए जा रहे सेवा एवं जनकल्याण अभियानों के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सेवा सेतु संकल्प समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 13 ग्राम पंचायतों—दमदम, कोटमी कला, गोढ़ा, तिलोरा, देवरी कला, देवरी खुर्द, सकोला, भांडी, विशेषरा, कंचनडीह, पीपलामार, कुदरी और अमारू—के ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच, उपसरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और आवास मित्र उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही निराकरण का प्रयास किया।
दीप प्रज्वलन और छत्तीसगढ़ महतारी की आराधना से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद छत्तीसगढ़ महतारी की आराधना और सामूहिक गीत प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा और उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह की मौजूदगी में नव निहाल बच्चों, आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में मुंह जूठन कार्यक्रम भी संपन्न कराया गया।
विष्णुभोग चावल बना ग्रामीणों के आकर्षण का केंद्र
शिविर में आजीविका समूह की महिलाओं द्वारा जीपीएम जिले की पहचान माने जाने वाले विष्णुभोग चावल की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाया गया। स्टॉल पर ग्रामीणों की काफी भीड़ देखने को मिली।
विष्णुभोग चावल अपनी विशिष्ट खुशबू और स्वाद के लिए जाना जाता है। जिले के कुछ क्षेत्रों में इसकी खेती सीमित होने के कारण इसकी उपलब्धता भी अपेक्षाकृत कम रहती है। ऐसे में शिविर में विष्णुभोग चावल की प्रदर्शनी और बिक्री ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। स्थानीय लोगों और अधिकारियों-कर्मचारियों में भी इस चावल को लेकर उत्साह देखने को मिला, जो जिले की विशिष्ट कृषि पहचान को प्रदर्शित करता है।
बिजली कटौती की समस्या लेकर पहुंचे ग्रामीण
समस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। इनमें अघोषित बिजली कटौती की समस्या प्रमुख रही। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग की।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया।
साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी
शिविर में पुलिस प्रशासन द्वारा भी स्टॉल लगाया गया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। ग्रामीणों को अनजान कॉल, लिंक और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों से किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराने की अपील की।
वन विभाग ने वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर किया जागरूक
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को जंगल और वन्यजीवों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने जंगल में बांस के पौधों से निकलने वाले नए अंकुरित कोपलों को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की।
इसके साथ ही भालू और हाथी विचरण क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश नहीं करने तथा वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं और जनहानि की संभावना को कम किया जा सके।
कृषि विभाग और मंडी टीम ने किसानों को दी जानकारी
कृषि उपज मंडी की टीम ने किसानों को फसल से संबंधित जानकारी देते हुए उपज के उचित रखरखाव और संरक्षण के उपाय बताए। किसानों को कृषि उपज के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को सम्मानित भी किया गया। जनप्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी तथा पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद बना शिविर की विशेषता
सेवा सेतु संकल्प समस्या निवारण शिविर की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीणों और प्रशासन के बीच दिखाई दिया सीधा संवाद रहा। अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहे, जिससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं और शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने में सुविधा हुई। कार्यक्रम की सफलता में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, सरपंच, उपसरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायकों और अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अंत में ग्राम पंचायत कोटमी कला के सरपंच, उपसरपंच और सचिव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों का अभिवादन करते हुए आभार व्यक्त किया। शिविर ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ यह संदेश भी दिया कि समस्याओं के समाधान के लिए जब शासन, प्रशासन और जनता एक मंच पर आते हैं, तो जनकल्याण की योजनाएं जमीन पर अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकती हैं।