गौरेल पेंड्रा मरवाही , सकोला (मुकेश जायसवाल) । शिक्षा व्यवस्था को लेकर शासन के दावों के बीच सकोला स्थित कन्या शाला में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मामला सामने आया है। स्कूल में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाने के बावजूद उत्तर पुस्तिकाएं नहीं मिलने से छात्राओं को कथित तौर पर अपने पैसे से उत्तर पुस्तिका खरीदनी पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर इसे शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की जा रही है।
प्रश्न पत्र मिला, उत्तर पुस्तिका के लिए छात्राओं को करना पड़ा खर्च
कन्या शाला सकोला में परीक्षा के दौरान छात्राओं को प्रश्न पत्र तो उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सामने आई है। इसके कारण विद्यार्थियों को स्वयं के पैसे से उत्तर पुस्तिका खरीदनी पड़ रही है।
इस स्थिति को लेकर सवाल उठ रहा है कि जब शासन की ओर से विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, तो परीक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्था के लिए भी बच्चों को अपनी जेब से खर्च क्यों करना पड़ रहा है।
पहली से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित
राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे ग्राम सकोला के रानी दुर्गावती चौराहे पर स्थित कन्या शाला में कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। इसी परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन भी किया जा रहा है।
स्कूल में बड़ी संख्या में छात्राओं के अध्ययनरत होने के बावजूद पर्याप्त कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं होने की शिकायत की जा रही है। छात्राओं के अनुसार अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
बस के इंतजार में घंटों खड़ी रहती हैं छात्राएं
दूर-दराज के क्षेत्रों से स्कूल आने वाली छात्राओं के सामने एक और समस्या बस के इंतजार को लेकर है। छात्राओं का कहना है कि स्कूल की छुट्टी के बाद उन्हें बस का इंतजार करने के लिए लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े रहना पड़ता है।
इसी समस्या को देखते हुए छात्राओं के लिए प्रतीक्षालय बनाने की मांग लगातार की जा रही है। लेकिन स्थानीय स्तर पर मांग उठाए जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात कही जा रही है।
चौराहे पर स्कूल, दुर्घटना का खतरा
कन्या शाला रानी दुर्गावती चौराहे और राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे क्षेत्र में स्थित है। स्कूल शुरू होने और छुट्टी के समय यहां विद्यार्थियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों और लगातार यातायात के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों और छात्राओं की मांग है कि स्कूल के आसपास बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक यातायात व्यवस्था, सुरक्षा उपाय और प्रतीक्षालय की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के बीच सुविधाओं पर सवाल
सरकार की ओर से बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर कई अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में कन्या शाला में उत्तर पुस्तिका, अतिरिक्त कक्ष और छात्राओं के लिए प्रतीक्षालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
छात्राओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा केवल स्कूल में प्रवेश दिलाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना भी शासन और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।
अब देखना होगा कि कन्या शाला सकोला की समस्याओं को लेकर शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन कब तक ठोस कदम उठाता है। स्थानीय स्तर पर मांग है कि स्कूल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उत्तर पुस्तिकाओं की पर्याप्त उपलब्धता, अतिरिक्त कक्ष, छात्राओं के लिए प्रतीक्षालय और सुरक्षा संबंधी आवश्यक इंतजाम जल्द सुनिश्चित किए जाएं।