रायपुर। समाज में सकारात्मक बदलाव केवल सरकारी योजनाओं और राजनीतिक घोषणाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को मिलकर सेवा की भावना के साथ काम करना होगा। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं और सहायता पहुंचाना ही वास्तविक जनसेवा है। यह बात छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने लाइफ वर्सिटी के संपादक नरेन्द्र पाण्डेय से हुई सौजन्य मुलाकात के दौरान कही।
इस मुलाकात में हज व्यवस्था, सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य, युवाओं की भूमिका, शिक्षा, जनजागरूकता और सामाजिक सद्भाव जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के दौरान मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने कहा कि आज समाज के सामने अनेक चुनौतियां हैं और इन चुनौतियों का सामना केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
“हज यात्रियों की सुविधा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी”
मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने कहा कि हज कमेटी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हज यात्रियों को बेहतर सुविधा, सही मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। हज एक धार्मिक यात्रा होने के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों के लिए जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव भी है। ऐसे में यात्रियों को यात्रा से पहले सही जानकारी, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन मिलना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ हज की व्यवस्थाओं में भी तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का उपयोग बढ़ रहा है। ऑनलाइन आवेदन से लेकर यात्रा संबंधी जानकारी तक, यात्रियों को सरल और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
स्वास्थ्य और जागरूकता को बताया जरूरी
मुलाकात में स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने कहा कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक अभियान की सफलता तभी सार्थक होगी, जब उसमें लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि बीमारी का इलाज कराने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता, खान-पान और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचने के प्रति भी जागरूक करना जरूरी है।
युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर
मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने बातचीत में युवाओं को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। यदि युवा शिक्षा, रोजगार, खेल, तकनीक और सामाजिक सेवा जैसे सकारात्मक क्षेत्रों से जुड़ेंगे तो समाज में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित करने के बजाय उन्हें रचनात्मक और सामाजिक कार्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा मिले तो नशा, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों से लड़ने में मदद मिल सकती है।
“मीडिया की भूमिका केवल खबर दिखाना नहीं”
लाइफ वर्सिटी के संपादक नरेन्द्र पाण्डेय के साथ बातचीत के दौरान मीडिया की सामाजिक भूमिका पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने कहा कि मीडिया समाज की सोच को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसलिए मीडिया को ऐसी खबरों और अभियानों को भी प्रमुखता देनी चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और लोगों को अपने आसपास के मुद्दों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों को लगातार चर्चा में बनाए रखना आवश्यक है।
नरेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि लाइफ वर्सिटी का प्रयास जीवन से जुड़े उन विषयों को सामने लाना है, जिनका सीधा संबंध व्यक्ति, परिवार और समाज के स्वास्थ्य से है। उन्होंने कहा कि जनहित के विषयों पर संवाद को बढ़ावा देने और सकारात्मक पहलों को समाज तक पहुंचाने की जरूरत है।
सामाजिक सद्भाव को बताया समय की जरूरत
मुलाकात के दौरान सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे पर भी चर्चा हुई। मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है। अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और समुदायों के लोग जब एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं, तभी समाज मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि सेवा का कोई धर्म नहीं होता। जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचाना और उसके जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करना ही वास्तविक मानवीयता है।
सेवा की राजनीति नहीं, राजनीति में सेवा
मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम बनना होना चाहिए।
मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र के लोगों से लगातार संवाद करते रहना चाहिए। लोगों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना ही जनप्रतिनिधित्व की वास्तविक कसौटी है।
मुलाकात के अंत में दोनों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सद्भाव, नशामुक्ति और जनसेवा से जुड़े विषयों पर भविष्य में भी संवाद एवं जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।