विजन 'यूथफुल' 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का संबोधन


SCGNEWS : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का रोडमैप पेश किया. 75 मिनट के संबोधन में उन्होंने ‘सप्तधारा’ के जरिए मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक सात क्षेत्रों को विकास का आधार बताया. साथ ही एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, फॉर्च्यून-500 में 50 भारतीय कंपनियां, 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता और महिलाओं को 33% राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने जैसे बड़े लक्ष्य सामने रखे. 

सप्तधारा का विजन

1. मैन्युफैक्चरिंग पावर- डिजाइन से उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन भारत में विकसित करना.

2- कृषि और खाद्य उत्पाद- कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाना.

3- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन- तकनीक, अनुसंधान और नवाचार में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाना. 

4- गति शक्ति- बेहतर कनेक्टिविटी और मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास की गति बढ़ाना.

5- रक्षा शक्ति- स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भर और वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनना.

6- ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी- ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री संसाधनों में वैश्विक नेतृत्व.

7- सॉफ्ट पावर- संस्कृति, परंपरा और वैश्विक प्रभाव के जरिए भारत की शक्ति बढ़ाना.

फ्री ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि महंगी कोचिंग क्लासेज का खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी पड़ता है. सरकार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएगी. 

एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण

प्रधानमंत्री ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने की घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीक और एआई देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के स्वरूप को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. 

ग्लोबल इनोवेशन हब को बढ़ावा

भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता बनाने के बजाय 'ग्लोबल इनोवेशन हब' बनाने के लिए पीएम मोदी ने रिसर्च और R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) को लेकर बड़ा विजन पेश किया. PM मोदी ने कहा, 'हमने युवाओं को रिसर्च के नए अवसर दिए हैं. इनोवेशन के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है. हमारे प्राइवेट स्टार्टअप्स में 28 साल की औसत उम्र के युवाओं ने अपने ट्रायल सैटेलाइट लॉन्च करके कमाल दिखाया है. देश में आज 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं.'

फॉर्च्यून 500 में होनी चाहिए 50 कंपनियां

PM मोदी ने फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करने को एक बड़ा टारगेट दिया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच बैंकों में एक भारतीय बैंक होना चाहिए. साथ ही कहा कि भारतीय कंपनियों को दुनिया की शीर्ष पांच दवा कंपनियों में शामिल होने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने पिछले 12 सालों में भारतीय मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर के विस्तार पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि डिफेंस में लगभग चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में लगभग सात गुना और मोबाइल फोन उत्पादन में 33 गुना बढ़ोतरी हुई है. 

सेमीकंडक्टर- पीएम ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को गति देने के लिए अगले 1-2 वर्षों में 7-8 नए प्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. तीन सेमीकंडक्टर प्लांट पहले ही उत्पादन शुरू कर चुके हैं और इनसे बनने वाले चिप का निर्यात भी किया जाएगा. यह भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है.

परमाणु ऊर्जा- पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता 100 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है. इसके साथ अगले 6-7 वर्षों में पांच नए परमाणु रिएक्टर चालू करने की योजना है. प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा को देश की ऊर्जा सुरक्षा का अहम आधार बताते हुए कहा कि फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में भारत ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.

महिला आरक्षण- प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी माताओं-बहनों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. वे देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया में अपना योगदान दें. यह समय की मांग है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल महिलाओं के सम्मान और अधिकार के इस कदम का श्रेय भी ले सकते हैं, लेकिन उन्हें उनका हक जरूर देना चाहिए.

‘दिमागी नक्सल’ को पहचानना जरूरी

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है. यह शब्द है ‘दिमागी नक्सल’. उन्होंने कहा कि बंदूक वाले नक्सली खत्म होने की कगार पर हैं, लेकिन 'दिमागी नक्सल' अब भी मौके की तलाश में हैं. इन्हें पहचानना होगा, अलग-थलग (आइसोलेट) करना होगा. उन्होंने साफ चेताया कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ तो कड़ी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन वैचारिक स्तर पर चुनौती अभी बाकी है. इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए.

'दिमागी नक्सल' का मतलब क्या है?

‘दिमागी नक्सल’ का मतलब ऐसे लोगों से है, जो हथियार उठाकर नक्सली गतिविधियों में शामिल नहीं हैं, लेकिन नक्सली या माओवादी विचारधारा का समर्थन करते हैं या उसे आगे बढ़ाते हैं. यह कोई कानूनी या आधिकारिक शब्द नहीं, बल्कि राजनीतिक संदर्भ में इस्तेमाल किया गया शब्द कहा जा रहा है. 


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