रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नगर निगम के जोन कार्यालयों में कंगाली का आलम इस कदर बढ़ गया है कि बुनियादी नागरिक सुविधाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। शहर की सड़कों के गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क नहीं हो पा रहा है, 550 स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और कचरा उठाने वाली 14 गाड़ियों के टायर बदलने तक के लिए निगम के पास पैसे नहीं हैं। इस बदहाली के कारण वार्डों में सफाई व्यवस्था और विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
वित्तीय अधिकारों में कटौती से अटकीं फाइलें
इस पूरी अव्यवस्था की मुख्य वजह जोन आयुक्तों के वित्तीय अधिकारों में की गई भारी कटौती को बताया जा रहा है।
- पहले जोन आयुक्त अपने स्तर पर 6 लाख रुपये तक के काम स्वीकृत कर सकते थे।
- करीब तीन महीने पहले इस सीमा को घटाकर महज 50 हजार रुपये कर दिया गया।
- इसके कारण अब छोटे-छोटे कार्यों और मरम्मत की फाइलें भी ऑडिट और मंजूरी के लिए निगम मुख्यालय भेजी जा रही हैं, जहां वे लंबे समय तक अटकी रहती हैं।
विधायक राजेश मूंणत ने जताई नाराजगी, अब नए टेंडर की तैयारी
दो जोनों की समीक्षा बैठक में पार्षदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। बैठक में मौजूद विधायक राजेश मूंणत ने नगर निगम की इस लचर कार्यप्रणाली और बदहाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब सफाई और कचरा ढोने वाली गाड़ियों की मरम्मत ही नहीं हो पा रही है, तो पूरे जोन में स्वच्छता का स्तर क्या होगा, यह गंभीर चिंता का विषय है। विधायक ने अधिकारियों को सफाई, बंद स्ट्रीट लाइटों और पेयजल जैसी आवश्यक जनसमस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए हैं। वहीं, अब निगम प्रशासन गाड़ियों के टायर खरीदने के लिए नए सिरे से टेंडर जारी करने की तैयारी में जुटा है।
जोन-8: सर्वे पूरा, लेकिन फंड की कमी से अंधेरे में वार्ड
जोन-8 के अध्यक्ष प्रीतम ठाकुर के मुताबिक, उनके जोन के अंतर्गत आने वाले सात वार्डों में 550 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। मरम्मत के लिए सर्वे का काम तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन फंड न होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अब इस समस्या से निपटने के लिए पार्षद निधि और महापौर निधि का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, निगम में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से हाईमास्ट लाइट लगाने का काम भी फंड की कमी और कम उपयोगिता के कारण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसकी बची हुई राशि को अब जोन के संधारण (मरम्मत) कार्यों में लगाने का फैसला किया गया है।
संधारण की फाइलों को प्राथमिकता से पास करने के निर्देश
इस प्रशासनिक गतिरोध के बीच अपर आयुक्त विनोद पांडेय ने बताया कि समीक्षा बैठक में वार्डों के विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई है। पार्षदों द्वारा उठाई गई विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जोन अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। विकास कार्यों के नए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं और जनता से जुड़े संधारण व मरम्मत कार्यों की फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जा रहा है ताकि नागरिकों को जल्द राहत मिल सके।