लाईफ वर्सिटी SCG न्यूज़ : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी की विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी All India Trinamool Congress पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, हिंसा और वर्षों से चले आ रहे कुशासन के खिलाफ जनता का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और अब परिवर्तन की लहर शुरू हो चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “नए बंगाल की क्रांति” की शुरुआत इसी ब्रिगेड रैली से हो गई है और राज्य से “निर्मम सरकार” तथा “महाजंगलराज” का अंत अब तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता खोने के डर से तृणमूल कांग्रेस सरकार घबराई हुई है और इसी कारण लोगों को रैली में आने से रोकने की कोशिश की गई।
प्रधानमंत्री के अनुसार रैली को रोकने के लिए कई स्थानों पर रास्तों पर आवागमन बाधित किया गया, पुलों पर आवाजाही रोकी गई और प्रचार सामग्री फाड़ दी गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सभा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने रैली में आए लोगों को “चोर” कहकर अपमानित किया, जबकि असली चोर कौन हैं यह जनता भलीभांति जानती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद प्राप्त है और अब राज्य में परिवर्तन को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने सभा में उमड़ी भीड़ की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस सरकार के अंत की उलटी गिनती की शुरुआत है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार का एक ही एजेंडा है—न खुद काम करना और न किसी को काम करने देना। उन्होंने कहा कि जब तक नेताओं को अपनी “कटमनी” नहीं मिलती, तब तक योजनाएं गांव और गरीब तक नहीं पहुंचने दी जातीं। इसी कारण राज्य सरकार कई बार केंद्र की योजनाओं को भी रोक कर रखती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले कांग्रेस, फिर साम्यवादी दल और अब तृणमूल कांग्रेस—इन सभी सरकारों ने बारी-बारी से सत्ता संभाली और विकास के बजाय अपनी जेबें भरने का काम किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बंगाल व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में पूरे भारत को दिशा देता था, लेकिन आज यहां का युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, सुभाषचंद्र बोस, बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय, रविंद्रनाथ टैगोर, इश्वरचंद्र विद्यासागर, खुदीराम बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों ने जिस बंगाल की कल्पना की थी, भारतीय जनता पार्टी उसी बंगाल के नवनिर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है।
असम में कांग्रेस पर भी बोला हमला
इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने असाम दौरे के दौरान सिलचर में आयोजित कार्यक्रम में Indian National Congress पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने इतिहास में हार की “शतकीय पराजय” की ओर बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने असम को 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। सिलचर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने लगभग 24 हजार करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इनमें उत्तर-पूर्व का पहला ग्रीनफील्ड चार लेन शिलांग–सिलचर उच्च गति मार्ग और असम माला 3.0 परियोजना शामिल है।
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा,
“आज लगभग 24 हजार करोड़ रुपये के शिलांग–सिलचर मार्ग का भूमि पूजन हुआ है। कांग्रेस वालों को कागज और कलम देकर कहिए कि 24 हजार करोड़ लिखें, उन्हें शायद यह भी नहीं पता होगा कि इतने में कितने शून्य होते हैं।”
उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस की सोच रुक जाती है, वहीं से भारतीय जनता पार्टी का काम शुरू होता है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि हार की निराशा से भरी कांग्रेस अब देश को बदनाम करने में जुट गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर-पूर्व क्षेत्र भारत की पूर्वोन्मुख नीति का प्रमुख केंद्र बन चुका है और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सेतु बन रहा है। उन्होंने बराक घाटी के किसानों और चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों के योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सीमावर्ती गांवों को देश के “पहले गांव” के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से कछार जिले से वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अगले चरण की शुरुआत की गई है, जिससे बराक घाटी के कई गांवों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त भी जारी की, जिससे देशभर के लगभग 9.3 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम बंगाल और असम में प्रधानमंत्री के इन कार्यक्रमों को आगामी चुनावों और क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।