बस्तर के ‘ऑपरेशन कमांडर’ सुंदरराज पी अब NIA में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी


SCGNEWS : छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय तक निर्णायक लड़ाई का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी Sundarraj P को केंद्र सरकार ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। गृह मंत्रालय ने उन्हें National Investigation Agency (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया है।

वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को बस्तर में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारियों में गिना जाता है। करीब 12 वर्षों तक उन्होंने नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में विभिन्न पदों पर कार्य किया, जबकि लगभग सात वर्षों तक वे बस्तर रेंज के आईजी और सुरक्षा अभियानों के प्रमुख चेहरे रहे।


बस्तर में नक्सल मोर्चे के प्रमुख रणनीतिकार

बस्तर के सात जिलों में चलाए गए अनेक बड़े नक्सल विरोधी अभियानों की रणनीति, निगरानी और समन्वय में सुंदरराज पी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में भी उन्होंने अहम योगदान दिया।

उनके कार्यकाल में सुरक्षा बलों ने कई बड़े माओवादी नेताओं के खिलाफ सफल अभियान चलाए और नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। किसी बड़े ऑपरेशन की सफलता हो या सुरक्षा बलों को नुकसान, मीडिया के सामने आधिकारिक जानकारी देने वाले प्रमुख अधिकारी भी वही रहे।


राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

केंद्र सरकार ने देश को नक्सलवाद मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत बस्तर में मिली उपलब्धियों को महत्वपूर्ण माना है। माना जा रहा है कि इन्हीं सफलताओं और उनके नेतृत्व कौशल को देखते हुए गृह मंत्रालय ने उन्हें NIA जैसी देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने उनकी प्रतिनियुक्ति के लिए विशेष सिफारिश की है। इसे नक्सल विरोधी अभियानों में उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।


किसान परिवार से राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र तक

तमिलनाडु के Coimbatore निवासी सुंदरराज पी ने कृषि विज्ञान में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। अब NIA में IG के रूप में उनकी नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में उनकी विशेषज्ञता की औपचारिक मान्यता माना जा रहा है।


बस्तर के लिए क्या मायने?

सुंदरराज पी की विदाई बस्तर पुलिस के लिए एक युगांतकारी बदलाव मानी जा रही है। पिछले एक दशक से अधिक समय में नक्सल विरोधी अभियानों का जो ढांचा विकसित हुआ, उसमें उनका योगदान केंद्रीय रहा। वहीं NIA में उनकी नियुक्ति यह संकेत भी देती है कि केंद्र सरकार अब माओवादी नेटवर्क और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनके अनुभव का व्यापक स्तर पर उपयोग करना चाहती है।

एक तरह से कहा जाए तो बस्तर के जंगलों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाला यह अधिकारी अब राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और संगठित उग्रवाद के खिलाफ मोर्चा संभालने जा रहा है।

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