मेरठ: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र स्थित कपसाड़ गांव में हुई एक जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दिनदहाड़े एक दलित महिला की बेरहमी से हत्या और उसकी बेटी के अपहरण का मामला सिर्फ़ कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इस सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी पारस सोम को पुलिस ने शनिवार को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ कथित रूप से अगवा की गई युवती को भी पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है।
इस बीच, अब पीड़िता की बहन सर्वेश मीडिया के सामने आई है और उसने जो बयान दिए हैं, उन्होंने इस पूरी घटना की भयावहता को और उजागर कर दिया है।
कैसे शुरू हुआ खौफनाक घटनाक्रम
पीड़िता की बहन सर्वेश के मुताबिक, घटना वाले दिन उनके चाचा रोज़ की तरह सुबह काम पर निकल गए थे। उनकी चाची सुनीता बाद में उनके लिए खाना लेकर घर से निकली थीं। रास्ते में अचानक आरोपी पारस सोम ने पीछे से गालियां देनी शुरू कर दीं।
जब सुनीता ने रुककर उससे गाली देने का कारण पूछा, तो विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी ने अचानक गंडासे से सुनीता पर हमला कर दिया। हमला इतना बेरहम था कि सुनीता को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
बेटी को बचाने दौड़ी मां, पिस्तौल के साये में अपहरण
शोर सुनकर सुनीता की बेटी अपनी मां को बचाने के लिए दौड़ी। लेकिन तभी आरोपियों ने उस पर पिस्तौल तान दी। मौके पर मौजूद अन्य दो लड़कियों को भी जान से मारने की धमकी दी गई और उन्हें वहां से भगा दिया गया। दहशत में दोनों लड़कियां अलग-अलग रास्तों से घर की ओर भागीं और किसी तरह अपनी जान बचाई।
इसी अफरा-तफरी के बीच हमलावर युवती को जबरन अपने साथ ले गए। मौके पर खून से लथपथ सुनीता तड़पती रहीं और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
घर पहुंची लड़की ने खोली साजिश की परतें
घटना से बचकर निकली एक लड़की जब घर पहुंची तो उसने परिजनों को पूरी वारदात की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग और गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी फरार हो चुके थे और युवती लापता थी।
सर्वेश का कहना है कि यह हमला किसी एक व्यक्ति का अचानक किया गया कृत्य नहीं था। उसके मुताबिक, जैसे ही उसकी चाची ने गाली देने का विरोध किया, एक के बाद एक कई लोग बाहर निकल आए। इससे साफ जाहिर होता है कि हमला पूरी योजना और तैयारी के साथ किया गया था।
पुराने विवाद के दावे को परिवार ने किया खारिज
गांव के कुछ लोग इस घटना को पुराने विवाद से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सर्वेश ने इन दावों को सिरे से नकार दिया है। उसका कहना है कि आरोपी पक्ष खुद को बचाने के लिए पंचायत और पुराने विवाद की झूठी कहानियां गढ़ रहा है।
परिवार का आरोप है कि यह सोची-समझी साजिश थी और हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे, जिसका मकसद सिर्फ़ हमला नहीं बल्कि भय फैलाना भी था।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार, युवती सुरक्षित
घटना के बाद पुलिस पर भी भारी दबाव था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की गईं। मेरठ और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर शनिवार को मुख्य आरोपी पारस सोम को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसी के साथ अपहृत युवती को भी सकुशल बरामद कर लिया गया।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन तकनीकी निगरानी और लगातार दबिश के बाद उसे पकड़ लिया गया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद कपसाड़ गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का दावा है कि हालात नियंत्रण में हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
एक सवाल जो अब भी खड़ा है
एक दलित महिला की दिनदहाड़े हत्या, बेटी का अपहरण और कई हमलावरों की कथित साजिश—यह घटना सिर्फ़ एक आपराधिक मामला नहीं है। यह सवाल भी है कि क्या समाज और सिस्टम ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार हैं?
फिलहाल, परिवार को न्याय की उम्मीद है और पूरे इलाके की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।