रायपुर, 11 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की तैयारी है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में आज चारों नगर निगमों और चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
विभाग नवंबर 2026 में बिलासपुर और भिलाई में शुरुआती तौर पर 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
रायपुर में 100, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में 50-50 बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रथम चरण में चारों शहरों के लिए बसों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत रायपुर में 100, बिलासपुर में 50, दुर्ग-भिलाई में 50 और कोरबा में 40 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है।
नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्वच्छ, हरित और विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के साथ यातायात, वायु प्रदूषण और ईंधन की खपत जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। इलेक्ट्रिक बसों से ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
यात्रियों को मिलेगी आधुनिक परिवहन सुविधा
अरुण साव ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, दर्शनीय स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना जरूरी है। ई-बस सेवा से नागरिकों को बेहतर परिवहन विकल्प मिलेगा और शहरों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
योजना के तहत यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस में छह कैमरे लगाने का प्रावधान है। मोबाइल एप के माध्यम से बसों के रूट की जानकारी भी उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा, मोबाइल स्कैनर से भुगतान और ऑनलाइन टिकट की सुविधा दिए जाने की योजना है।
चार्जिंग स्टेशन और रखरखाव केंद्र भी होंगे विकसित
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन, डिपो, बस स्टॉप और रखरखाव केंद्र जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे बसों के नियमित संचालन और यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इलेक्ट्रिक बसों से कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी सहायता मिलेगी। वहीं, चार्जिंग स्टेशन और रखरखाव संबंधी आधारभूत सुविधाओं के विकास से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने योजना के उद्देश्यों और संचालन की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहरों में बढ़ती आबादी और परिवहन की जरूरतों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन का आधुनिकीकरण आवश्यक है।
उन्होंने चार्जिंग व्यवस्था, डिपो, बस स्टॉप और रखरखाव केंद्र सहित जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास, विभागों के बीच समन्वय और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल और चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज गांधी भी उपस्थित थे।
पांच नगरीय निकायों के महापौर हुए शामिल
कंसेशन एग्रीमेंट कार्यक्रम में रायपुर की महापौर मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, दुर्ग की महापौर अलका बाघमार और बीरगांव के महापौर नंदलाल देवांगन मौजूद रहे।
इस दौरान रायपुर नगर निगम के आयुक्त संबित मिश्रा, बिलासपुर के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, कोरबा के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, भिलाई की आयुक्त सुरुचि सिंह, दुर्ग की आयुक्त लीना कोसम, रिसाली की आयुक्त मोनिका वर्मा और भिलाई-चरोदा के आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत भी उपस्थित थे।
ई-बसों के रंग और कट-आउट का विमोचन
कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के साथ ही चारों शहरों में संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के रंग और कट-आउट का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता सुनील सिंह और सूडा के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रस्तावित यह पहल छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब नवंबर में बिलासपुर और भिलाई में शुरुआती बसों के संचालन तथा अन्य शहरों में चरणबद्ध विस्तार की तैयारियों पर नजर रहेगी।