रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। साथ ही रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई।
ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ा है। इसे बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। नई रेल सेवाओं से राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख केंद्रों तक पहुंच आसान होगी। इससे व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेल विकास के लिए 54 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार का व्यापक काम हो रहा है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का लक्ष्य आधुनिक रेल सुविधाओं को बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय बस्तर और सरगुजा सहित दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की रेल विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। चालू वर्ष में प्रदेश के लिए रेलवे को 7,470 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
उन्होंने कहा कि रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होना इसी विकास यात्रा की महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। रावघाट-जगदलपुर-कोरापुट-विशाखापत्तनम रेल संपर्क के विस्तार से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंच और बेहतर हो सकती है।
1,628 करोड़ रुपये की रेल परियोजना से रावघाट को मिली कनेक्टिविटी
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई करीब 95 किलोमीटर है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल संपर्क बढ़ने से स्थानीय लोगों का आवागमन आसान होगा। बाजारों तक पहुंच बेहतर होने के साथ व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने में भी रेल नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रायपुर से कुरूद तक नई यात्री रेल सेवा शुरू
अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा किया गया है। इसके साथ रायपुर से कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवा शुरू हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले रायपुर और धमतरी के बीच नैरो गेज रेल सेवा संचालित होती थी। अब ब्रॉडगेज में परिवर्तन से यात्रियों को आधुनिक रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हुई है। कुरूद से धमतरी तक शेष कार्य पूरा होने के बाद रायपुर से धमतरी तक रेल सेवा के विस्तार का रास्ता और आसान होगा।
2014 के बाद बिछाई गईं 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में रेल विकास को गति मिली है। उनके अनुसार, पहले प्रदेश को रेलवे विकास के लिए प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि अब यह आवंटन सात हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में लगभग 32 किलोमीटर नई रेल लाइन का विस्तार हुआ था, जबकि वर्ष 2014 के बाद करीब 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।
32 रेलवे स्टेशनों का हो रहा आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने का काम किया जा रहा है। इनमें से आठ स्टेशन तैयार हो चुके हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, आधुनिक परिसर और सुविधाजनक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रायपुर में बनेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी
कार्यक्रम के दौरान रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई। इस सुविधा के विकसित होने के बाद 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी।
इससे रेल इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था बेहतर करने, रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने और माल परिवहन की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना छत्तीसगढ़ में आधुनिक रेलवे तकनीक और रखरखाव संबंधी अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
नई रेल परियोजनाओं से दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार और नई परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया। उन्होंने खरसिया-परमालकसा, रावघाट-जगदलपुर और डोंगरगढ़-कटघोरा सहित विभिन्न रेल परियोजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने जशपुर जिले के पत्थलगांव से लोहरदगा क्षेत्र की ओर रेल संपर्क विस्तार की मांग को विशेष पैकेज में शामिल किए जाने के लिए भी केंद्रीय रेल मंत्री का धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रेल नेटवर्क का विस्तार लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं, किसानों को बड़े बाजारों और युवाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि बस्तर में सड़क, रेल, बिजली, दूरसंचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकास की नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। रावघाट तक रेल पहुंचने से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद एवं विधायक विक्रम उसेंडी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक दयानंद सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।