रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग शहर में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके माध्यम से पात्र हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार सप्ताह के सातों दिन किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। सरकार की योजना आगामी दो वर्षों में इस सुविधा का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों तक करने की है।
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का संचालन इन तीन जिलों में 8 अगस्त से शुरू किया गया है। मशीन के माध्यम से हितग्राही अपना राशन कार्ड नंबर या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य राशन वितरण को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।
चार राज्यों में पहले से संचालित है व्यवस्था
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की व्यवस्था देश के उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और मेघालय में पहले से संचालित है। छत्तीसगढ़ में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। शुरुआती चरण में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग को शामिल किया गया है, जिसके बाद अन्य जिलों में इसका विस्तार किया जाएगा।
704 राशन दुकानों को ऑनलाइन करने की तैयारी
राज्य सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट-पीडीएस योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत नेटवर्कविहीन क्षेत्रों में संचालित 704 उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ने की योजना है।
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों की इन दुकानों में नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल खाद्यान्न का वितरण ऑफलाइन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य कनेक्टिविटी और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करते हुए पीडीएस की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाना है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं। स्मार्ट-पीडीएस योजना के साथ खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने और वितरण व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने पर भी काम किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा—चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि प्रदेश में तीन जिलों से अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत की गई है। इसे चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक से जोड़ने और हितग्राहियों को खाद्यान्न आसानी से उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में स्मार्ट-पीडीएस, ऑनलाइन राशन दुकानें और ग्रेन एटीएम जैसी तकनीकी सुविधाएं वितरण व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
सरकार की इस पहल से अब राशन लेने के लिए निर्धारित समय और दुकान की उपलब्धता पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। हालांकि, ग्रामीण और नेटवर्कविहीन क्षेत्रों में इस व्यवस्था की सफलता के लिए मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी ढांचे का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण चुनौती होगी।