भोपाल : मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य संचालनालय से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है।
भोपाल में जिला कोर्ट के आदेश पर स्वास्थ्य संचालनालय की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की गई है। सोमवार को पहुंची कुर्की टीम ने संचालनालय परिसर से दो गाड़ियां, कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य कार्यालयीन सामान जब्त किया।
मामला करीब 15 साल पुराना है। कोलकाता की कंपनी नितापोल इंडस्ट्रीज ने वर्ष 2011 से 2013 के बीच स्वास्थ्य संचालनालय को करीब 50 लाख 70 हजार रुपये की दवाइयां सप्लाई की थीं। कंपनी का आरोप है कि दवाओं की आपूर्ति के बाद विभाग ने भुगतान नहीं किया।
इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और जिला कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भुगतान के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद राशि का भुगतान नहीं होने पर अब अदालत के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।
कंपनी के अधिवक्ता के मुताबिक, मूल बकाया करीब 50.70 लाख रुपये था, जो ब्याज समेत अब करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
बताया गया है कि नवंबर 2024 में भी कुर्की टीम स्वास्थ्य संचालनालय पहुंची थी। उस समय करीब 19.34 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन अधिकारियों के विरोध के बाद टीम को लौटना पड़ा था।
अब एक बार फिर कार्रवाई हुई है और यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं होता है तो स्वास्थ्य संचालनालय के भवन की कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है। सबसे बड़ा सवाल यही है—
आखिर अदालत के आदेश के बावजूद वर्षों से भुगतान क्यों नहीं हुआ?
और अब जब मामला संपत्ति की कुर्की तक पहुंच गया है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?