SCG News Desk (कांकेर) : छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने गुरुवार को कांकेर प्रवास के दौरान प्रयास कन्या छात्रावास एवं आदिवासी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद कर उनके रहन-सहन, शिक्षा और छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने छात्रावास से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को आयोग अध्यक्ष के सामने रखा। छात्राओं ने बताया कि छात्रावास में वेंडिंग मशीन उपलब्ध है, लेकिन पैड डिस्पोजल मशीन की सुविधा नहीं है। इसके साथ ही बिजली की समस्या के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की बात भी सामने आई। छात्राओं ने स्थायी समाधान के लिए सोलर पैनल और आपातकालीन लाइट की व्यवस्था करने की मांग की।
बेहतर डिजिटल शिक्षा के लिए छात्राओं ने कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड और स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। इस पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने छात्राओं की मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनते हुए आवश्यक सुविधाओं के लिए उचित स्तर पर पहल करने का आश्वासन दिया।
छात्राओं ने सूर्यकिरण छात्रावास में रहने की इच्छा भी व्यक्त की, जिस पर आयोग अध्यक्ष ने आवश्यक प्रक्रिया के तहत उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा भी जताई।
निरीक्षण के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने छात्रावास में स्वच्छता, अनुशासन और सुव्यवस्थित वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की आवश्यकताओं को समझना और उनकी बातों को सीधे सुनना, बाल अधिकारों की वास्तविक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ, सम्मानजनक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी समाज और शासन की जिम्मेदारी है।
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को समय पर पूरा करना उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है।
निरीक्षण के दौरान छात्राओं और आयोग अध्यक्ष के बीच आत्मीय एवं मातृत्वपूर्ण संवाद देखने को मिला, जिससे छात्राएं भी उत्साहित और सहज नजर आईं।