उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: 15 हिरासत में, 7 पर FIR


उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने की कार्रवाई के बीच सोमवार को तनाव की स्थिति के बाद पुलिस ने अब सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है और 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स भी शामिल हैं।

उज्जैन SP प्रदीप शर्मा के मुताबिक, मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई मस्जिद कमेटी की सहमति से जारी है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और संदेशों की लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


CCTV और ड्रोन फुटेज से होगी पहचान

पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच में सोशल मीडिया पोस्ट, मैसेज, CCTV फुटेज और ड्रोन रिकॉर्डिंग को भी शामिल कर रही है। इन माध्यमों के जरिए सोमवार तड़के हुए पथराव और पुलिस के साथ हुई झड़प में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

इससे पहले सोमवार सुबह शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।


शहर काजी ने की लोगों से अपील

मामले में प्रशासन के साथ बातचीत में शामिल शहर काजी खलील कुरैशी रहमान ने भी लोगों से घटनास्थल पर नहीं जाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मस्जिद को लेकर विवाद रविवार रात ही आपसी सहमति से सुलझा लिया गया था। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अनावश्यक रूप से घर से निकलकर घटनास्थल पर नहीं पहुंचने की अपील की।

कलेक्टर बोले—सहमति से हटाया जा रहा हिस्सा

उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा समुदाय के लोगों द्वारा स्वेच्छा से हटाया जा रहा है।

कलेक्टर के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले मकान, दुकानें और धार्मिक स्थल संबंधित समुदायों के सहयोग से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे सभी समुदायों के बीच सहयोग और समन्वय का उदाहरण बताया।


क्यों हो रहा है सड़क चौड़ीकरण?

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का यह काम सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा है। प्रशासन का उद्देश्य आगामी बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान बढ़ने वाले श्रद्धालुओं के दबाव के मद्देनजर यातायात और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना है।

मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में भी सुनवाई हुई है। 28 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने मस्जिद प्रशासन और उज्जैन नगर निगम के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लिया और संबंधित अपीलों का निपटारा किया।

फिलहाल पुलिस का फोकस दो स्तरों पर है—एक तरफ मौके पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना, वहीं दूसरी तरफ पथराव और तनाव बढ़ाने में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान करना।

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