रायपुर, 26 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। राज्य के 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित हुईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने माताओं और बच्चों के पोषण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण पर संवाद
आंगन मिलन सेवा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन की जानकारी दी गई।
‘सुपोषित थाली’ के माध्यम से महिलाओं को रोजमर्रा के भोजन में विभिन्न खाद्य पदार्थों को शामिल करने और माताओं तथा बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने के तरीकों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
योजनाओं के लाभार्थियों ने साझा किए अनुभव
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थी महिलाओं ने भी सहभागिता की। लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता से वे अपनी और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद प्राप्त कर रही हैं।
परिवार और समुदाय को आंगनबाड़ी से जोड़ने पर जोर
‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को परिवार और समुदाय से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के पोषण और मातृ स्वास्थ्य को केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित न रखकर समुदाय की साझा जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है।
इन गतिविधियों के जरिए पोषण, मातृ स्वास्थ्य और बच्चों की देखभाल को लेकर परिवारों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।