अनंतपुर। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के रापताडु में एक सरकारी स्कूल के क्लासरूम में घुसकर दसवीं कक्षा की छात्रा पर इलेक्ट्रिक आरी से जानलेवा हमला किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस वारदात से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसे बचाने की कोशिश करने वाली एक अन्य छात्रा भी घायल हुई है।
घटना रापताडु मंडल मुख्यालय स्थित जिला परिषद हाई स्कूल की है। पुलिस के मुताबिक, जब कक्षा में पढ़ाई चल रही थी, तभी एक व्यक्ति पेड़ों की कटाई में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक आरी लेकर क्लासरूम में घुसा और छात्रा पर हमला कर दिया। हमले में छात्रा के चेहरे, गर्दन, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उसका दाहिना हाथ भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
दोनों घायल छात्राओं को तत्काल अनंतपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसे बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस से बेंगलुरु ले जाने की व्यवस्था की गई है। शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने मणिपाल अस्पताल के डॉक्टरों से छात्रा को हर संभव बेहतर उपचार देने का अनुरोध किया है। वहीं, कर्नाटक सरकार से अस्पताल तक जल्द पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराने की भी अपील की गई है।
रिश्तेदार होने की आशंका, आरोपी की तलाश जारी
अनंतपुर के पुलिस अधीक्षक जगदीश के अनुसार, हमलावर की पहचान हेमंत के रूप में हुई है, जो श्री सत्य साईं जिले के धर्मावरम मंडल के नागुलु इलाके का निवासी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पीड़ित छात्रा का रिश्तेदार है। हालांकि, हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता छात्रा के होश में आने और उसका बयान दर्ज होने के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। एसपी ने उन खबरों को भी गलत बताया है, जिनमें आरोपी को धर्मावरम रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया था।

स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, स्कूल परिसर में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान कुछ शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को मजदूर समझ लिया और बिना पूछताछ किए उसे स्कूल में प्रवेश दे दिया।
स्कूल की प्रिंसिपल राजेश्वरी के अनुसार, घटना के समय विद्यालय में केवल पांच शिक्षक मौजूद थे। दूसरे पीरियड के दौरान अचानक हमलावर क्लासरूम में घुसा और छात्रा पर हमला कर दिया। बच्चों में चीख-पुकार मच गई और सभी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पीड़िता की मौसी ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक आरी लेकर स्कूल परिसर में प्रवेश कर सकता है, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था किस काम की थी? स्थानीय लोगों ने भी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, शिक्षा मंत्री ने दी कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुख और हैरानी जताते हुए अधिकारियों से छात्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मेडिकल टीम को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और घायल छात्रा की मां से फोन पर बात कर परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर एक व्यक्ति इलेक्ट्रिक आरी लेकर सरकारी स्कूल में कैसे घुस गया और क्लासरूम में छात्रा पर हमला कैसे कर दिया?
घायल छात्रा से मिलने पहुंचीं रापताडु की विधायक परिताला सुनीता ने भी आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की बात कही।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। सवाल सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की जवाबदेही का भी है, जहां बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल पहुंचते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरे संस्थान पर होती है। आखिर स्कूलों में प्रवेश और सुरक्षा की निगरानी के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे?