रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब कागजी रिकॉर्ड की जगह हर खेत की फसल का डिजिटल रिकॉर्ड (डिजिटल क्रॉप सर्वे) तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रदेश के किस हिस्से में कौन सी फसल बोई गई है, ताकि उसकी सटीक जानकारी मिल सके। इस सर्वेक्षण की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राज्य स्तर पर टीमों का गठन किया गया है, जो जिलों में जाकर भौतिक सत्यापन (क्रॉस चेक) करेंगी।
राज्य नोडल अधिकारी सह संयुक्त निदेशक कृषि एम.एस. कंवर के अनुसार, यदि जिला स्तर की टीम के काम में कोई खामी पाई जाती है, तो राज्य स्तरीय टीम आवश्यक सुधार और तकनीकी समाधान सुनिश्चित करेगी।
कागजी सर्वे से डिजिटल फसल रिकॉर्ड तक के 4 प्रमुख फायदे
- पारदर्शिता: राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल फसल सर्वेक्षण से कृषि डेटा पूरी तरह पारदर्शी और सटीक रहेगा।
- सटीक नीतियां: तकनीकी से सुसज्जित इस सर्वे से सरकार को कल्याणकारी नीतियां बनाने और योजनाएं लागू करने में मदद मिलेगी।
- दस्तावेजों में सुधार: जिला स्तर पर राजस्व विभाग और कृषि विभाग के डिजिटल मैपिंग रिकॉर्ड्स में आ रही विसंगतियों को सुधारा जा सकेगा।
- समय पर मुआवजा: फसलों के खराब होने या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को बिना देरी के त्वरित और उचित मुआवजा मिल सकेगा।