रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम रावण के पुतले के दहन के साथ अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, मद और लोभ जैसी बुराइयों पर भी विजय प्राप्त करें। यह पर्व आत्ममंथन करने और जीवन में सत्य, धर्म, न्याय तथा मानवता के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
170 साल पुरानी परंपरा को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर का रावणभाठा मैदान दशहरा उत्सव की लगभग 170 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का साक्षी है। पीढ़ियों से यहां विजयादशमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह मैदान केवल रावण दहन का स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है।
उन्होंने कहा कि राज्य की गौरवशाली परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
छत्तीसगढ़ से प्रभु श्रीराम का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से आत्मीय और अटूट संबंध है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने छत्तीसगढ़ की धरती पर लंबा समय बिताया था। इसी कारण भगवान श्रीराम के आदर्श प्रदेश की लोकसंस्कृति और जनजीवन में गहराई से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, धैर्य, साहस, त्याग और न्याय के प्रति निष्ठा का उदाहरण है। रावण के पास विशाल सेना और अपार सामर्थ्य था, लेकिन भगवान श्रीराम ने धर्म और सत्य के बल पर विजय प्राप्त की। विजयादशमी का संदेश है कि सत्य का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन अंततः विजय सत्य की ही होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन भी यह संदेश देता है कि असत्य और अन्याय का साथ देने वालों का अंत निश्चित है। व्यक्ति के चरित्र की असली पहचान कठिन परिस्थितियों में होती है, जब उसे सत्य और न्याय के पक्ष में खड़े होने का निर्णय लेना पड़ता है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामर्थ्य का परिचय दिया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए इसे देश के साहस, पराक्रम और आतंकवाद के विरुद्ध संकल्प का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि चाहे पौराणिक काल का रावण हो या आधुनिक युग में आतंकवाद और अन्याय जैसी बुराइयां, समाज और राष्ट्र को इनके विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
श्रीरामलला दर्शन योजना से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के भव्य मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा भारत के सांस्कृतिक गौरव और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का ऐतिहासिक अवसर रहा।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़वासियों की भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस आध्यात्मिक अनुभव का अवसर मिले।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विजयादशमी पर अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने और सद्गुणों को अपनाने का संकल्प लें। समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे, न्याय और सेवा की भावना को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। विकास के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को सहेजना भी जरूरी है। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रावणभाठा दशहरा उत्सव को लगभग 170 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि दूधाधारी मठ द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह उत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने देश की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, अंजय शुक्ला, सुभाष तिवारी, मनोज वर्मा, सुशील ओझा, उमेश गुप्ता, संजू नारायण, सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।