रायपुर,( नरेन्द्र पाण्डेय )। नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय बनाने की कोशिश के तहत रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में विधायक पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में आठ दिवसीय नशामुक्ति जनजागरण पदयात्रा का आयोजन किया गया। 25 सितंबर से शुरू हुई यह पदयात्रा 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर संपन्न हुई।
इस अभियान की खास बात यह रही कि यह कोई पहली पहल नहीं थी। पुरन्दर मिश्रा पिछले 28 वर्षों से नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों के जरिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते रहे हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और स्वस्थ, संस्कारवान तथा सशक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना रहा।
बारिश के बीच शुरू हुआ अभियान
25 सितंबर को तेलीबांधा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ पदयात्रा की शुरुआत हुई। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, साधु-संत तथा स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी अभियान में शामिल हुए।
पहले दिन पदयात्रा तेलीबांधा से आगे बढ़ते हुए शहीद भगत सिंह चौक, गौरव पथ तक पहुंची। रास्ते में महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
हर दिन बदला रास्ता, संदेश रहा एक
आठ दिनों तक चलने वाली इस पदयात्रा को रायपुर उत्तर विधानसभा के अलग-अलग इलाकों तक पहुंचाया गया। दूसरे दिन भगत सिंह चौक से गौरव पथ होते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक तक पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान लोगों से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की गई।
तीसरे दिन अंबेडकर चौक से शारदा चौक तक पदयात्रा पहुंची। अभियान के दौरान महापुरुषों एवं शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ आम लोगों को नशे के सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
चौथे दिन शारदा चौक से पदयात्रा आगे बढ़ी। विधायक ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और व्यापारियों से संवाद किया। इस दौरान नशामुक्ति के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई गई।
मौदहापारा में मुस्लिम समाज ने किया स्वागत
पांचवें दिन गुरुनानक चौक से शुरू हुई पदयात्रा मौदहापारा होते हुए आगे बढ़ी। विधायक पुरन्दर मिश्रा ने रास्ते में नागरिकों और राहगीरों से संवाद करते हुए नशामुक्त समाज का संदेश दिया।
मौदहापारा में मुस्लिम समाज की ओर से विधायक का स्वागत किया गया। इसके बाद पदयात्रा गुरुगोबिंद सिंह चौक पहुंची, जहां महापुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, रोजगार, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी पदयात्रा में हुए शामिल
अभियान के छठवें दिन इसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक समर्थन मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पदयात्रा में शामिल हुए।
देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक निकली पदयात्रा में मुख्यमंत्री साय ने विधायक पुरन्दर मिश्रा के साथ कदम मिलाया और नशामुक्त समाज का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने पुरन्दर मिश्रा के लंबे समय से चल रहे सामाजिक अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से नशे के खिलाफ संदेश को परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से यह भी बताया गया कि पुरन्दर मिश्रा के प्रयासों से अब तक 22,640 लोगों को नशामुक्ति की दिशा में प्रेरित एवं नशे से मुक्त कराया जा चुका है। यह आंकड़ा अभियान से जुड़े आयोजकों/सरकारी रिपोर्ट में उद्धृत किया गया है।
सातवें दिन भी जारी रहा जनसंवाद
अभियान के सातवें दिन पदयात्रा लाल चौक से शुरू हुई। रास्ते में महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया और मंदिरों में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की गई।
इस दिन भी बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। विधायक ने लोगों से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की अपील की।
गांधी जयंती पर राज्यपाल रमेन डेका के साथ समापन
पदयात्रा का अंतिम चरण गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को हुआ। कलेक्टर परिसर स्थित टाउन हॉल से पदयात्रा शुरू हुई। राज्यपाल रमेन डेका ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद पदयात्रा शास्त्री चौक पहुंची, जहां लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी गई। फिर यह अम्बेडकर चौक पहुंची और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
समापन कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री से जुड़े जनप्रतिनिधि, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री, विधायक, महापौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को सम्मानित भी किया गया।
सवाल सिर्फ नशे का नहीं, अगली पीढ़ी का है
पुरन्दर मिश्रा की यह पदयात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें नशे को केवल व्यक्तिगत आदत के रूप में नहीं, बल्कि परिवार और समाज से जुड़े सवाल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
नशे की गिरफ्त में आने वाले युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना इस अभियान का महत्वपूर्ण संदेश रहा। पदयात्रा में अलग-अलग सामाजिक वर्गों की भागीदारी ने भी यह संकेत दिया कि नशामुक्ति का मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल या समुदाय तक सीमित नहीं है।
28 साल की मुहिम का संदेश
25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चली यह पदयात्रा अपने साथ एक बड़ा सवाल छोड़ गई—क्या नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस और सरकार की जिम्मेदारी है?
पुरन्दर मिश्रा की 28 वर्ष पुरानी मुहिम का जवाब है—नहीं।
जब परिवार, स्कूल, समाज, धार्मिक एवं सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रयास करें, तभी नशामुक्त समाज का लक्ष्य मजबूत हो सकता है।