छत्तीसगढ़ कैबिनेट के दो अहम फैसले: पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी


रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। वहीं, कैबिनेट की बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस विभाग में भर्ती और आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने सहित दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती

मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति प्रदान की है।

राज्य शासन द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर पहले ही 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान किया जा चुका है। इस निर्णय से सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त कर चुके पूर्व अग्निवीरों को राज्य की पुलिस सेवा में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया गया है। भर्ती की पात्रता और चयन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय अधिसूचना के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।


आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया जाएगा।

इस निर्णय के लिए शासन कार्य आवंटन नियम में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। विभाग के नाम में बदलाव से संबंधित आगे की औपचारिक प्रक्रिया शासन के नियमानुसार पूरी की जाएगी।


प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व पर अभिनंदन प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने को जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों से जुड़ी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

अभिनंदन प्रस्ताव में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सहकारी संघवाद के माध्यम से राज्यों को संसाधन उपलब्ध कराने तथा आवास, पेयजल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने में केंद्र का सहयोग मिला है।


छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और योजनाओं का उल्लेख

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का उल्लेख किया।

सरकार की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए जाने और 51.17 लाख हितग्राहियों को करीब 11,877 करोड़ रुपये के निःशुल्क उपचार का लाभ मिलने की जानकारी दी गई।

इसी तरह, महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का उल्लेख किया गया।


बस्तर में शांति, कनेक्टिविटी और विकास पर जोर

मंत्रिपरिषद ने बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तथा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार को भी प्रमुखता से रेखांकित किया। सरकार की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों, पुनर्वास, आवास निर्माण और दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी दी गई।

राज्य सरकार ने कहा कि विकास योजनाओं और केंद्र-राज्य के समन्वित प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है।

कैबिनेट के दोनों निर्णयों में पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती की अनुमति और विभाग का नाम बदलने का प्रस्ताव राज्य की प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी व्यवस्था से जुड़े प्रमुख विषय हैं। अब इन फैसलों के क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की आगामी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

VIEW MORE

Category News