कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने ED की कार्रवाई का ठीकरा मोदी पर फोड़ा, बताया सरकार की प्रतिशोध की राजनीति…


 रायपुर। नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी के सोनिया गांधी, राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने को कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार की प्रतिरोध की राजनीति करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह केस इसलिए किया गया है, ताकि कांग्रेस पार्टी बुलंदी से लड़े न. यह सिर्फ छवि बिगाड़ने के लिए किया गया है. बिहार के चुनाव से पहले मुद्दा भटकाने के लिए कुछ चाहिए, इसलिए यह किया जा रहा है.कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत नेशनल हेराल्ड मामले में रायपुर में आज प्रेस वार्ता में कहा कि ब्रिटिश हुकूमत उतना ही नेशनल हेरeल्ड चिढ़ती थी, जितना मोदीजी चिढ़ते हैं. पिछले ग्यारह सालों में ईडी विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. महात्मा गांधी, सरदार पटेल और तब के बड़े नेता से मिली प्रेरणा से नेशनल हेराल्ड की शुरुआत हुई. उन्होंने बताया कि एसोसिएशनट जनरल लिमिटेड (AJL) का कर्ज बढ़ता गया, और एक वक्त के बाद नेशनल हेराल्ड छापना बंद हो गया. 100 बैंक ट्रांजेक्शन और चेक के माध्यम से तब कांग्रेस ने AJL को 90 करोड़ का लोन दिया. इस लोन से कर्मचारियों को पीएफ, सैलरी और अन्य चीजों का भुगतान किए गए है.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कैसे पैसा दे सकती है, यह सवाल किया जाता है. इलेक्शन कमीशन की बेंच ने 2012 में इस संबंध में फैसला दिया था. ये रूल किया था कि कांग्रेस पैसा दे सकती है. डेब्ट को इक्विटी में कन्वर्ट करना बहुत सामान्य बात है जो मोदी जी हर दिन करते होंगे. इन इक्विटी यंग इंडिया के पास AJL का कुछ नहीं गया. कम्पनीज एक्ट के तहत यंग इण्डियन एक कंपनी है ,जो नॉट फॉर प्रॉफिट (सेक्शन -25) है, यानी इससे कोई पैसे नहीं बनाया जा सकता है.

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ऑस्कर फर्नांडीज, मोतीलाल वोरा यंग इंडिया के शेयर होल्डर हुए. यंग इंडिया ने AJL पर कोई कब्जा नहीं किया, ये AJL के 761 शेयर होल्डर हैं. 5 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी का झूठ बीजेपी बोलती है, लेकिन इसी सरकार के IT ने 369 करोड़ की प्रॉपर्टी बताई है. ईडी ने इस मामले में 2015 में मोदीजी की सरकार से कहा कि ये मनी लाउंड्रिंग का केस नहीं है. एक पैसे का लेन-देन नहीं है, फिर भी ED ने मामला दर्ज कराया था.

2013 से 2020 तक सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कवायद की, बाद में उन्होंने हाई कोर्ट से स्टे ले लिया था. 2021 में सरकार ने मामले में केस दायर किया. 10 अप्रैल 2024 को ट्रिब्यूनल ने कहा कि एक साल में चार्जशीट दायर नहीं किया गया तो केस रद्द कर दिया जाएगा. आनन-फानन में 9 अप्रैल 2025 को मोदी सरकार ने चार्जशीट दायर किया.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर साधा निशाना

पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कांग्रेस पार्टी को बैंक कहने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आशा करती हूँ राज्य के डिप्टी सीएम पढ़े लिखे हो,आर्थिक मामलों के जानकार हों, क्योंकि इलेक्शन कमीशन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं. बता दें अरुण साव ने बयान दिया था कि राजनीतिक पार्टियां कोई बैंक नहीं हैं, जो लोन दे.

हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई परिवारों के लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघरी निवासी श्रीमती जया बाई के जीवन में भी इस योजना से खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें अपना पक्का मकान मिला है, जिससे परिवार को सुरक्षित आश्रय और बेहतर रहन-सहन की सुविधा प्राप्त हुई है। पक्की छत मिलने से दूर हुई मौसम की चिंता, परिवार को मिला सुरक्षित आश्रय श्रीमती जया बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पक्का मकान केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और सुकून का आधार बन गया है। अब उनका परिवार अपने पक्के घर में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में जीवन बिता रहा है। पक्का आवास मिलने से बारिश और मौसम की अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिली है। साथ ही परिवार के रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। अपने घर का सपना पूरा होने से जया बाई और उनके परिवार को भविष्य के प्रति नया भरोसा मिला है। पक्की छत के नीचे परिवार के साथ सुरक्षित जीवन बिताने की खुशी उनके लिए विशेष महत्व रखती है। यह आवास उनके वर्तमान जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी मजबूत कर रहा है। पक्का आवास बना सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का आधार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत मिलने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रीमती जया बाई ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए शासन से मिला यह आवास वर्षों से संजोए अपने घर के सपने के साकार होने जैसा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती जया बाई की यह कहानी दर्शाती है कि पक्का आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया आधार तैयार हो रहा है। अपना घर होने का सुख परिवारों को बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। आर्थिक संसाधनों की कमी किसी बेटी की शिक्षा और आगे बढ़ने के सपनों में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि बेटियों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने और उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने में मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरकोट निवासी निकिता कहरा भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई को सहारा मिला है। शिक्षा के सपनों को मिला आर्थिक सहयोग निकिता कहरा के लिए योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच शिक्षा से जुड़े खर्चों की व्यवस्था करना श्रमिक परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में शासन से प्राप्त यह सहायता निकिता को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने में सहयोग प्रदान कर रही है। इस आर्थिक सहायता से निकिता को पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। साथ ही उन्हें अपनी शिक्षा जारी रखने और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन भी मिला है। श्रमिक परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक संबल देकर उनकी शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है। निकिता कहरा ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकिता कहरा की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला आर्थिक सहयोग श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जैसी पहलें बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें शिक्षित, सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और किफायती बनाने के लिए किए गए सुधार आम नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ परिवारों की खुशियों का भी माध्यम बन रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के श्री अभिलाष की कहानी इसकी एक मिसाल है। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित होने से उन्हें 46 हजार 846 रुपये की बचत हुई। इस आर्थिक राहत से मिली खुशी को उन्होंने अनूठे अंदाज में अपनी बहनों के साथ साझा किया और बचत की पूरी राशि उन्हें उपहार स्वरूप दे दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिक सुविधाओं के विस्तार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पारिवारिक हकत्याग के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित करना इन्हीं जनहितैषी सुधारों में शामिल है। इन सुधारों का लाभ हितग्राहियों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। रजिस्ट्री में हुई बचत से बहनों के चेहरे पर बिखरी मुस्कान सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान श्री अभिलाष ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कराने पर उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती शुल्क का लाभ मिला। पहले जहां इस प्रक्रिया में अधिक राशि खर्च होती, वहीं अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क लगने से उनके 46,846 रुपये बच गए। उन्होंने इस बचत को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरी राशि अपनी बहनों को उपहार स्वरूप देकर परिवार की खुशियों को और बढ़ा दिया। श्री अभिलाष के लिए शासन की यह पहल दोहरी खुशी लेकर आई। एक ओर संपत्ति संबंधी आवश्यक दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर बचत की राशि परिवार के सदस्यों के काम आई। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया में मिली आर्थिक राहत और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। पारिवारिक संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन हुआ किफायती राज्य सरकार द्वारा पारिवारिक हकत्याग से संबंधित पात्र दस्तावेजों के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित किए जाने से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन में होने वाला खर्च कम हुआ है। विशेष रूप से उन परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले पंजीयन शुल्क के रूप में अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी। बलौदाबाजार के श्री अभिलाष का अनुभव दर्शाता है कि शासन के नीतिगत सुधार किस प्रकार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। रजिस्ट्री में बचाए गए 46,846 रुपये जब बहनों को उपहार के रूप में मिले, तो पंजीयन शुल्क में मिली राहत पारिवारिक स्नेह और खुशियों की एक यादगार कहानी बन गई।
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हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई परिवारों के लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघरी निवासी श्रीमती जया बाई के जीवन में भी इस योजना से खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें अपना पक्का मकान मिला है, जिससे परिवार को सुरक्षित आश्रय और बेहतर रहन-सहन की सुविधा प्राप्त हुई है। पक्की छत मिलने से दूर हुई मौसम की चिंता, परिवार को मिला सुरक्षित आश्रय श्रीमती जया बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पक्का मकान केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और सुकून का आधार बन गया है। अब उनका परिवार अपने पक्के घर में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में जीवन बिता रहा है। पक्का आवास मिलने से बारिश और मौसम की अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिली है। साथ ही परिवार के रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। अपने घर का सपना पूरा होने से जया बाई और उनके परिवार को भविष्य के प्रति नया भरोसा मिला है। पक्की छत के नीचे परिवार के साथ सुरक्षित जीवन बिताने की खुशी उनके लिए विशेष महत्व रखती है। यह आवास उनके वर्तमान जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी मजबूत कर रहा है। पक्का आवास बना सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का आधार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत मिलने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रीमती जया बाई ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए शासन से मिला यह आवास वर्षों से संजोए अपने घर के सपने के साकार होने जैसा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती जया बाई की यह कहानी दर्शाती है कि पक्का आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया आधार तैयार हो रहा है। अपना घर होने का सुख परिवारों को बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। आर्थिक संसाधनों की कमी किसी बेटी की शिक्षा और आगे बढ़ने के सपनों में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि बेटियों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने और उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने में मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरकोट निवासी निकिता कहरा भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई को सहारा मिला है। शिक्षा के सपनों को मिला आर्थिक सहयोग निकिता कहरा के लिए योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच शिक्षा से जुड़े खर्चों की व्यवस्था करना श्रमिक परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में शासन से प्राप्त यह सहायता निकिता को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने में सहयोग प्रदान कर रही है। इस आर्थिक सहायता से निकिता को पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। साथ ही उन्हें अपनी शिक्षा जारी रखने और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन भी मिला है। श्रमिक परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक संबल देकर उनकी शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है। निकिता कहरा ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकिता कहरा की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला आर्थिक सहयोग श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जैसी पहलें बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें शिक्षित, सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और किफायती बनाने के लिए किए गए सुधार आम नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ परिवारों की खुशियों का भी माध्यम बन रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के श्री अभिलाष की कहानी इसकी एक मिसाल है। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित होने से उन्हें 46 हजार 846 रुपये की बचत हुई। इस आर्थिक राहत से मिली खुशी को उन्होंने अनूठे अंदाज में अपनी बहनों के साथ साझा किया और बचत की पूरी राशि उन्हें उपहार स्वरूप दे दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिक सुविधाओं के विस्तार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पारिवारिक हकत्याग के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित करना इन्हीं जनहितैषी सुधारों में शामिल है। इन सुधारों का लाभ हितग्राहियों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। रजिस्ट्री में हुई बचत से बहनों के चेहरे पर बिखरी मुस्कान सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान श्री अभिलाष ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कराने पर उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती शुल्क का लाभ मिला। पहले जहां इस प्रक्रिया में अधिक राशि खर्च होती, वहीं अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क लगने से उनके 46,846 रुपये बच गए। उन्होंने इस बचत को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरी राशि अपनी बहनों को उपहार स्वरूप देकर परिवार की खुशियों को और बढ़ा दिया। श्री अभिलाष के लिए शासन की यह पहल दोहरी खुशी लेकर आई। एक ओर संपत्ति संबंधी आवश्यक दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर बचत की राशि परिवार के सदस्यों के काम आई। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया में मिली आर्थिक राहत और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। पारिवारिक संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन हुआ किफायती राज्य सरकार द्वारा पारिवारिक हकत्याग से संबंधित पात्र दस्तावेजों के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित किए जाने से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन में होने वाला खर्च कम हुआ है। विशेष रूप से उन परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले पंजीयन शुल्क के रूप में अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी। बलौदाबाजार के श्री अभिलाष का अनुभव दर्शाता है कि शासन के नीतिगत सुधार किस प्रकार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। रजिस्ट्री में बचाए गए 46,846 रुपये जब बहनों को उपहार के रूप में मिले, तो पंजीयन शुल्क में मिली राहत पारिवारिक स्नेह और खुशियों की एक यादगार कहानी बन गई।